दैनिक खबरनामा| एस.ए.एस. नगर, 18 जून 2026. महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट (एमआरएसएएफपीआई) ने एक बार फिर देश की सशस्त्र सेनाओं के लिए प्रतिभाशाली युवा अधिकारियों को तैयार करने की अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए हाल ही में भारतीय सेनाओं में कमीशन प्राप्त करने वाले कैडिटों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से स्नातक हुए कैडिटों को प्रतिष्ठित ‘अचीवर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया।
सेक्टर-77 स्थित संस्थान परिसर में आयोजित समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व कमांडेंट एवं संस्थान की गवर्निंग बॉडी के संस्थापक सदस्यों में शामिल एयर मार्शल टी.एस. रंधावा, पीवीएसएम, वीएम (सेवानिवृत्त) ने की। उन्होंने कैडिटों को बधाई देते हुए कहा कि एमआरएसएएफपीआई में मिला प्रशिक्षण उनके सैन्य जीवन की मजबूत नींव साबित होगा। उन्होंने एनडीए से स्नातक हुए कैडिटों को आगे की सैन्य अकादमियों में प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने बताया कि अब तक संस्थान के 324 कैडिट एनडीए और अन्य सैन्य अकादमियों के लिए चयनित हो चुके हैं, जिनमें से 196 कैडिट भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि 24 अन्य कैडिट अपने नियुक्ति पत्र मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे यह संस्थान सशस्त्र सेनाओं के लिए एक प्रमुख फीडर संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है।
उन्होंने बताया कि संस्थान में दो वर्षीय आवासीय कार्यक्रम संचालित किया जाता है, जिसमें चयनित कैडिट बारहवीं की पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास और एनडीए प्रवेश परीक्षा की विशेष तैयारी करते हैं। हर वर्ष लगभग चार हजार अभ्यर्थी प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन इनमें से केवल 48 छात्रों को ही चयनित किया जाता है।
मई और जून 2026 के दौरान नौ कैडिट भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त कर चुके हैं, जबकि पांच कैडिट हाल ही में एनडीए से स्नातक हुए हैं। संस्थान द्वारा आयोजित ‘अचीवर्स अवार्ड’ समारोह न केवल इन होनहार युवाओं की उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के कैडिटों को उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने का भी माध्यम है।