रेलवे ढांचे को निशाना बनाने और आतंकियों तक विदेशी फंड पहुंचाने के आरोप; दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार
दैनिक खबरनामा|चंडीगढ़, 19 जून 2026. पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) से जुड़े दो वांछित कार्यकर्ताओं को मलेशिया से डिपोर्ट कर भारत लाने में कामयाबी हासिल की है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
पंजाब पुलिस ने दोनों आरोपियों को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया, जिसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पंजाब लाया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंबाला निवासी गुरविंदर सिंह और पटियाला निवासी मनजीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों मलेशिया में सक्रिय केजेडएफ समर्थित मॉड्यूल से जुड़े हुए थे और पंजाब में समर्पित माल कॉरिडोर सहित महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की साजिश में शामिल बताए जा रहे हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई जनवरी और अप्रैल 2026 में सरहिंद रेलवे लाइन पर हुए आईईडी विस्फोट और विस्फोट की कोशिश के मामलों की जांच के दौरान सामने आए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खुलासे के बाद की गई। इन मामलों में पहले चार कट्टरपंथी तत्वों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और उनके कब्जे से आरपीजी लॉन्चर, आईईडी, आरडीएक्स, हैंड ग्रेनेड, आधुनिक पिस्तौलें और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मलेशिया में बैठे केजेडएफ हैंडलर और उनके सहयोगी विदेशों में संचालित ऑफशोर खातों के माध्यम से पंजाब में सक्रिय आतंकवादी तत्वों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहे थे। डिपोर्ट किए गए दोनों आरोपी इसी नेटवर्क के अहम सदस्य थे और कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने तथा राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की योजनाओं में सहायता कर रहे थे।
डीजीपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को पटियाला की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश करने और साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब पुलिस ने विदेशों में छिपे अपराधियों और आतंकवादी तत्वों तक पहुंच बनाने तथा उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए काउंटर इंटेलिजेंस विंग के अंतर्गत पुलिस महानिरीक्षक अशीष चौधरी के नेतृत्व में ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) का गठन किया है। इसका उद्देश्य विदेशों में बैठे अपराधियों को कानून के दायरे में लाकर न्यायिक प्रक्रिया का सामना करवाना है।