दैनिक खबरनामा | बठिंडा, 24 जून 2026. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में चयनित 665 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि राज्य सरकारी नौकरियों के लिए देश का पसंदीदा केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने दावा किया कि पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती नीति के कारण विदेशों में गए युवा भी अब सरकारी नौकरी पाने के लिए पंजाब लौट रहे हैं।

बठिंडा में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने महज साढ़े चार वर्षों में 68,268 युवाओं को सरकारी नौकरियां देकर नया इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि रिश्वत और सिफारिश के आधार पर नौकरियां हासिल करने का दौर समाप्त हो चुका है और अब केवल मेरिट के आधार पर युवाओं को अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के कारण अब तक किसी भी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है।

मुख्यमंत्री ने विदेशों में रह रहे पंजाबियों से राज्य वापस लौटने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उन्हें नियमित रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पहले पक्षपात और भ्रष्टाचार के कारण युवा विदेशों की ओर पलायन करते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और पंजाब में रोजगार के अवसरों के कारण युवाओं का विश्वास दोबारा मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर महिलाओं की सुविधा के लिए सरकार जल्द ही ऐसा प्रावधान लागू करेगी, जिसके तहत परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद महिला कर्मचारियों को उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे में तैनाती का लाभ मिलेगा, ताकि वे पारिवारिक और कार्य जीवन के बीच बेहतर संतुलन बना सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों के कारण पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और शिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण से स्कूल शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हुआ है। जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब पंजाब स्कूल शिक्षा के मामले में 27वें स्थान पर था, लेकिन आज राज्य देश में अग्रणी बन चुका है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार लोगों के टैक्स से मिलने वाले धन का उपयोग स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर कर रही है। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, बेहतर सड़कें, बंद किए गए टोल प्लाजा और मजबूत बुनियादी ढांचा राज्य की विकास नीति का हिस्सा हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में सिंचाई के लिए नहरी पानी के उपयोग में बड़ा इजाफा हुआ है और यह 22 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। किसानों की सुविधा के लिए 14 हजार किलोमीटर लंबी पाइपलाइनें और खालें बनाई गई हैं, जबकि भूजल स्तर को सुधारने के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट विकसित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य के 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि 1 जुलाई से “मांवां-धीयां सत्कार योजना” शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे।

इस अवसर पर चयनित उम्मीदवारों जिया गर्ग, अमनदीप सिंह पन्नू, लाभदीप सिंह, रबिंदर सिंह टक्कर, कीर्ति और अन्य युवाओं ने योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने उनके भविष्य को नई दिशा दी है।