मेडिकल सैंपल में बदलाव और एमएलआर में पक्ष में राय दिलाने के नाम पर मांगे थे 3.50 लाख रुपये
ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते एमपीएचडब्ल्यू रंगे हाथों गिरफ्तार, मेडिकल अफसर की संलिप्तता भी आई सामने
दैनिक खबरनामा, गुरुग्राम/नूंह, 14 अक्टूबर। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवीएसीबी), गुरुग्राम ने पिनगवां के सरकारी अस्पताल में रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार एमपीएचडब्ल्यू मोनू शर्मा और मेडिकल अफसर डॉ. बीरपाल के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। दोनों आरोपियों पर शिकायतकर्ता के बेटे से जुड़े मामले में मेडिकल सैंपल में बदलाव करने, मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) में पक्ष में राय दिलाने और मदद करने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप हैं।
ब्यूरो के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर कुल 3 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। कार्रवाई के दौरान 18 अगस्त 2026 को एमपीएचडब्ल्यू मोनू शर्मा को शिकायतकर्ता से 2 लाख 50 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। मामले में मेडिकल अफसर डॉ. बीरपाल की संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
बेटे के खिलाफ दर्ज मामले में मदद का दिया था भरोसा
शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया था कि उसके बेटे के खिलाफ थाना पिनगवां में 13 अगस्त 2026 को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 4(2) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था। बेटे का मेडिकल करवाने के लिए जब वह सरकारी अस्पताल, पिनगवां पहुंचा, तो वहां उसकी मुलाकात एमपीएचडब्ल्यू मोनू शर्मा से हुई।
आरोप है कि मोनू शर्मा ने मेडिकल सैंपल में बदलाव करवाने और शिकायतकर्ता के बेटे को मामले में राहत दिलाने में मदद करने के नाम पर रिश्वत की मांग की। शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में 5 हजार रुपये नकद और 10 हजार रुपये फोन के माध्यम से लिए गए। इसके बाद भी कथित तौर पर रिश्वत की मांग जारी रही।
एसीबी ने जाल बिछाकर की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम ने कार्रवाई करते हुए 18 अगस्त 2026 को मोनू शर्मा को 2 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। जांच के दौरान मेडिकल अफसर डॉ. बीरपाल की कथित भूमिका सामने आने पर उन्हें भी नियमानुसार गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में ब्यूरो के थाना गुरुग्राम में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत अभियोग संख्या 31, दिनांक 18 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया था। अब दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है।
रिश्वत मांगने पर ब्यूरो को सूचना देने की अपील
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना ब्यूरो को दें। ब्यूरो के अनुसार, भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।