मोहाली और जालंधर में पहली कार्रवाई सफल, 31 जुलाई तक बढ़ी ओटीएस योजना; 20 और संपत्तियां रडार पर

दैनिक खबरनामा| चंडीगढ़, 19 जून 2026. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वैट और जीएसटी के पुराने बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त, योजना, कर एवं आबकारी मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के लंबे समय से लंबित राजस्व की वसूली के लिए आबकारी एवं कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख नीलामियां सफलतापूर्वक संपन्न की हैं।

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मोहाली स्थित डिफॉल्टर फर्म मैसर्स सुमित इंजीनियरिंग की संपत्ति की 19 जून को हुई नीलामी में 13.22 करोड़ रुपये की बोली लगी, जबकि जालंधर के शाहकोट स्थित मैसर्स एम.आर. राइस मिल्स की संपत्ति की बिक्री से 1.11 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। सफल बोलीदाताओं द्वारा 3.58 करोड़ रुपये की राशि तुरंत सरकारी खजाने में जमा करवा दी गई है, जबकि शेष राशि नियमों के अनुसार आगामी दिनों में जमा कराई जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि मोहाली और जालंधर में हुई शुरुआती सफल नीलामियां यह साबित करती हैं कि सरकार कर कानूनों को बिना किसी भेदभाव और दबाव के लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई विशेष रूप से उन पुराने कर बकायेदारों के खिलाफ की जा रही है जिन्होंने सरकार की एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना के तहत उपलब्ध राहत का लाभ नहीं उठाया।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनता के वैध धन की वसूली सुनिश्चित करना है। उन्होंने व्यापारियों और करदाताओं को अंतिम अवसर देते हुए घोषणा की कि एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना की अवधि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके माध्यम से बकाया वैट मामलों का पारदर्शी और लाभकारी तरीके से निपटारा किया जा सकता है, जिससे कानूनी विवादों और सरकारी कार्रवाई से बचा जा सकेगा।

उन्होंने कर बकायेदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यह सोचने का समय समाप्त हो चुका है कि सरकारी बकाया राशि की वसूली नहीं होगी। विभाग ने आदतन डिफॉल्टरों की कई संपत्तियों की पहचान कर ली है और आने वाले सप्ताहों तथा महीनों में राज्य के विभिन्न जिलों में लगभग 20 अन्य संपत्तियों की नीलामी की तैयारी पूरी कर ली गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि आबकारी एवं कर विभाग सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा के लिए बैंक खातों को अटैच करने, संपत्तियों की जब्ती और चल-अचल संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी सहित सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य के ईमानदार और कानून का पालन करने वाले हजारों करदाताओं को कुछ जानबूझकर कर चोरी करने वालों के कारण किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े।

हरपाल सिंह चीमा ने दो टूक कहा कि जो लोग लगातार अपने कानूनी दायित्वों की अनदेखी कर रहे हैं, उन्हें अब तत्काल और गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

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