पंजाब 29 जनवरी 2026 ( दैनिक खबरनामा ) पंजाब के विधानसभा क्षेत्र लुधियाना पश्चिमी से उपचुनाव जीतकर कैबिनेट मंत्री बने संजीव अरोड़ा महज आठ महीनों में पंजाब सरकार के सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में शुमार हो गए हैं। पहले पावरकॉम, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले अरोड़ा को अब स्थानीय निकाय विभाग का भी प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही उनके पास अब तीन बड़े और चुनौतीपूर्ण विभाग आ चुके हैं।संजीव अरोड़ा ने इन विभागों में व्यापक सुधार और बड़े बदलावों का रोडमैप तैयार किया है। सरकारी विभागों द्वारा बिजली बिलों के रूप में बकाया करोड़ों रुपये की वसूली के लिए प्रीपेड मीटर सिस्टम लागू करना हो, पंजाब में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक नीति बनानी हो या फिर शहरों में बेहतर नागरिक सुविधाओं के लिए अफसरों की जवाबदेही तय करनी हो— मंत्री अरोड़ा हर मोर्चे पर आक्रामक फैसले ले रहे हैं।15 फरवरी तक सरकारी विभागों में लगेंगे प्रीपेड मीटर कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि 15 फरवरी तक सभी सरकारी विभागों में प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाएंगे। इससे सरकारी दफ्तरों पर बिजली बिल का बढ़ता बोझ कम होगा और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा। हालांकि, आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकारी अस्पतालों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।नई औद्योगिक नीति से बढ़ेगा निवेशnउद्योग और निवेश प्रोत्साहन विभाग के तहत संजीव अरोड़ा पंजाब के लिए नई औद्योगिक नीति तैयार करवा रहे हैं,जिससे राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उनका लक्ष्य है कि पंजाब को उद्योगों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बनाया जाए, ताकि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
शहरों में सुविधाओं के लिए अफसरों की जवाबदेही तय स्थानीय निकाय विभाग का जिम्मा मिलने के बाद मंत्री अरोड़ा ने नगर निगमों, नगर परिषदों और सुधार ट्रस्टों के अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। उनका फोकस साफ-सफाई, पेयजल, सीवरेज, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार पर है। उन्होंने अफसरों को स्पष्ट संदेश दिया है कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इंजीनियरों में नाराजगी, फिर भी फैसलों पर अडिगहालांकि, उनके कुछ कड़े फैसलों से विभागीय इंजीनियरों और अधिकारियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है, लेकिन संजीव अरोड़ा अपने सुधारात्मक एजेंडे को लेकर पूरी तरह दृढ़ हैं। उनका कहना है कि जनता के हित में लिए गए फैसलों पर किसी भी दबाव के आगे झुका नहीं जाएगा।भारी भरकम नहीं, जिम्मेदारी और जवाबदेही’एक सवाल के जवाब में संजीव अरोड़ा ने कहा कि इतने बड़े विभाग संभालना उनके लिए बोझ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही है। उन्होंने कहा,पूरा खेल टाइम मैनेजमेंट का है। मैं दिन में सिर्फ एक विभाग की बैठक करता हूं,ताकि हर विभाग को पूरा समय और फोकस मिल सके।

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