चंडीगढ़ 12 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ गर्भावस्था के दौरान छोटी-सी चोट भी गंभीर परिणाम ला सकती है। पीजीआई के विशेषज्ञों ने हाल ही में एक जटिल मामले का सफल इलाज कर यह संदेश दिया है कि गिरने, पेट में दर्द, रक्तस्राव या शिशु की हलचल कम होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।31 सप्ताह की गर्भवती महिला सीढ़ियों से गिर गई। शुरुआत में चोट सामान्य प्रतीत हुई, लेकिन कुछ ही समय में उसे तेज पेट दर्द, हल्का रक्तस्राव और गर्भस्थ शिशु की हलचल में कमी महसूस हुई। परिजन तुरंत उसे पीजीआई लेकर पहुंचे। जांच में सामने आया कि महिला के पेट में लगभग तीन लीटर रक्त जमा हो चुका था। अल्ट्रासाउंड में प्लेसेंटा एब्रप्शन (गर्भनाल का समय से पहले अलग होना) की पुष्टि हुई, जो मां और शिशु दोनों के लिए जानलेवा स्थिति होती है।डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी सिजेरियन का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान पता चला कि महिला की प्लीहा (स्प्लीन) भी फट चुकी है और लगातार रक्तस्राव हो रहा है। विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने पहले शिशु का सुरक्षित जन्म कराया, फिर मां की जान बचाने के लिए स्प्लीन निकालनी पड़ी। महिला को कई यूनिट रक्त चढ़ाया गया, जबकि समय से पूर्व जन्मे नवजात को एनआईसीयू में भर्ती कर गहन निगरानी में रखा गया।
कई सप्ताह के इलाज के बाद मां और शिशु दोनों स्वस्थ होकर घर लौटे। इस दुर्लभ केस को अंतरराष्ट्रीय जर्नल बीएमजे केस रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित किया गया है। विशेषज्ञों ने गर्भावस्था में किसी भी चोट के बाद तुरंत चिकित्सकीय जांच कराने की अपील की है।