दैनिक खबरनामा 3 अप्रैल 2026 आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर बड़ा अंदरूनी विवाद सामने आया है। पार्टी ने राज्यसभा में अपने डिप्टी लीडर पद से राघव चड्ढा को हटाकर उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त कर दिया है। इस फैसले के बाद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को एक वीडियो बयान जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की।चड्ढा ने अपने बयान “Silenced, but not defeated” में कहा कि उन्हें आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाने की सजा दी गई है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने एयरपोर्ट पर महंगे खाने, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी बॉयज की समस्याएं, खाद्य मिलावट, टोल प्लाजा पर लूट और बैंक चार्ज जैसे मुद्दे उठाए, जिन्हें आमतौर पर नजरअंदाज किया जाता है।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह “बाढ़” की तरह वापस आएंगे।वहीं, पार्टी नेतृत्व ने चड्ढा के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों की बजाय एयरपोर्ट पर समोसे सस्ते करने जैसे विषयों पर फोकस कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि चड्ढा ने सदन में पार्टी के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी स्पष्ट किया कि राजनीति में कई बार विपक्ष के साथ तालमेल जरूरी होता है और जो नेता पार्टी लाइन से हटते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।इस पूरे विवाद की जड़ में व्यक्तिगत छवि और पार्टी अनुशासन के बीच टकराव दिखाई दे रहा है। जहां राघव चड्ढा खुद को आम आदमी की आवाज के रूप में पेश कर रहे हैं, वहीं पार्टी नेतृत्व इसे संगठन की आधिकारिक लाइन से भटकाव मान रहा है।
AAP ने राज्यसभा सचिवालय से अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने का समय न दिया जाए, जिससे उन्हें प्रभावी रूप से हाशिए पर डाल दिया गया है।