दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 01 नवंबर 2026. पंजाब के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करवाने और भाखड़ा ब्यास प्रबंधकीय बोर्ड (बीबीएमबी) में राज्य की बनती हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में पंजाब सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बीबीएमबी के लिए 2,452 पदों वाले अलग कैडर के विभागीय सेवा नियमों को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से इन पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम-1966 के प्रावधानों के तहत पंजाब में भाखड़ा और ब्यास बांधों से संबंधित परियोजनाओं के प्रबंधन के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधकीय बोर्ड का गठन एक कानूनी इकाई के रूप में किया गया था। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सहित भागीदार राज्य बोर्ड के विभिन्न पदों पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को भेजते हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि विभिन्न पदों के लिए निर्धारित कोटा होने के बावजूद बीबीएमबी में पंजाब के हिस्से के कई पद अक्सर खाली रह जाते हैं। इसके चलते इन रिक्त पदों पर दूसरे राज्यों के कर्मचारियों की तैनाती हो जाती है। दूसरी ओर, पंजाब बोर्ड के कुल खर्च का 40 प्रतिशत वित्तीय योगदान देता है। ऐसे में राज्य के वित्तीय योगदान के अनुपात में कर्मचारियों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए बीबीएमबी में पंजाब की भागीदारी सुरक्षित करने के लिए अलग कैडर गठित करने का फैसला लिया गया था। 15 नवंबर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में 2,452 पदों वाला विशेष कैडर बनाने को मंजूरी दी गई थी।
इन पदों पर नियुक्तियों के लिए भर्ती नियम और अन्य सेवा शर्तें पहले ही तैयार की जा चुकी हैं। अब कैबिनेट द्वारा विभागीय सेवा नियमों को मंजूरी मिलने के बाद इन पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता खुल गया है।
इस फैसले से जहां पंजाब के युवाओं के लिए सरकारी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे, वहीं बीबीएमबी में राज्य की निर्धारित भागीदारी और प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाया गया है।