दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 01 नवंबर 2026. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना के ऐतिहासिक बुड्ढा नाले में बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताते हुए इसका स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वच्छ पानी और प्रदूषण मुक्त वातावरण के अधिकार से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल की अगुवाई में उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की घोषणा करते हुए इसे 15 दिनों के भीतर व्यापक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
बुड्ढा नाले की मौजूदा स्थिति और प्रदूषण की समस्या की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस ऐतिहासिक जल स्रोत की पुरानी शान बहाल करने और इसे प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी और प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, कोई सरकारी रियायत नहीं। लोगों की सेहत और पर्यावरण को प्रदूषण की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष कमेटी में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल, स्थानीय निकाय विभाग के सचिव, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लुधियाना पुलिस, डेयरी कॉम्प्लेक्स के दो प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों को शामिल किया जाएगा।
कमेटी को 15 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बुड्ढा नाले की समस्या का समाधान केवल अस्थायी उपायों या ऊपरी स्तर के सुधारों से संभव नहीं है। इसके लिए मजबूत इच्छाशक्ति के साथ व्यापक और स्थायी रणनीति तैयार करनी होगी। कमेटी स्थानीय निवासियों, उद्योगपतियों, डेयरी क्षेत्र के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से विचार-विमर्श करके समस्या के प्रत्येक पहलू की जांच करे और व्यावहारिक समाधान सुझाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों और औद्योगिक इकाइयों की लापरवाही का खामियाजा पंजाब के आम नागरिकों को नहीं भुगतने दिया जा सकता। बुड्ढा नाले में बढ़ते प्रदूषण का जनस्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है। इसलिए लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के हित में इसकी सफाई और पुनर्स्थापना बेहद जरूरी है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य हितधारकों को मिलकर काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि बिना उपचारित औद्योगिक और अन्य गंदा पानी किसी भी सूरत में जल स्रोतों में नहीं जाना चाहिए। कमेटी केवल समस्याओं की पहचान तक सीमित न रहे, बल्कि ऐसे ठोस, व्यावहारिक और समयबद्ध उपाय सुझाए, जिनसे प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को स्वच्छ, हरा-भरा और स्वस्थ प्रदेश बनाना सरकार की प्राथमिकता है। जल स्रोतों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुड्ढा नाले की मौजूदा स्थिति, प्रदूषण के कारणों और जल स्रोत को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, सीएमडी पावरकॉम गुरकीरत किरपाल सिंह, सचिव जल संसाधन कृष्ण कुमार, सचिव पर्यावरण एवं विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के.के. यादव, सचिव स्थानीय निकाय घनश्याम थोरी, सचिव कृषि अर्शदीप सिंह थिंद, डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन, पुलिस कमिश्नर लुधियाना स्वप्न शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।