अमन अरोड़ा ने दी बधाई, कहा— युवा अधिकारी देश सेवा के साथ राज्य का नाम भी रोशन करें
दैनिक खबरनामा मोहाली, 13 जून 2026. पंजाब के लिए गौरव का क्षण तब आया जब महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट (एमआरएसएफपीआई) के सात पूर्व कैडेट भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना में कमीशंड अधिकारी के रूप में शामिल हुए। इस उपलब्धि ने न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, बल्कि पंजाब के युवाओं की देश सेवा के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को भी उजागर किया है।
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी की 158वीं रेगुलर कोर्स पासिंग आउट परेड में संस्थान के चार कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी बने। इस भव्य समारोह की समीक्षा भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने की।
सेना में कमीशन प्राप्त करने वाले कैडेटों में होशियारपुर के परमजोत सिंह, मोहाली के अभय सिंह राघव, होशियारपुर के अनिकेत कहोल और पठानकोट के अनुराग चौहान शामिल हैं। इन सभी युवाओं ने कठिन प्रशिक्षण और अनुशासन के बल पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
वहीं, हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी की 217वीं संयुक्त स्नातक परेड में संस्थान के तीन कैडेट फ्लाइंग ऑफिसर बने। इस समारोह का निरीक्षण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।
भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त करने वालों में रूपनगर के उदयबीर सिंह, एस.ए.एस. नगर के वासू मेहता और करण कौशिश शामिल हैं। इन युवा अधिकारियों ने अपने परिवारों और राज्य का गौरव बढ़ाया है।
पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने सभी नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे पंजाब के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने और उत्कृष्ट सेवाओं के माध्यम से देश तथा राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार युवाओं को भारतीय सशस्त्र सेनाओं में शामिल होने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि इन सात कैडेटों के कमीशन प्राप्त करने के साथ ही वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एमआरएसएफपीआई से कमीशंड अधिकारियों की कुल संख्या बढ़कर 97 हो गई है।
एमआरएसएफपीआई के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान (सेवानिवृत्त) ने भी सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे रक्षा सेवाओं की गौरवशाली परंपराओं और उच्च आदर्शों को कायम रखते हुए देश, पंजाब और अपने संस्थान का नाम रोशन करें।
पंजाब सरकार द्वारा स्थापित यह संस्थान लगातार युवाओं को सैन्य सेवाओं के लिए तैयार कर रहा है और राष्ट्रीय सुरक्षा में राज्य के योगदान को और मजबूत बना रहा है।