दैनिक खबरनामा 8 मार्च 2026 हिसार के बरवाला स्थित करौंथा आश्रम में 2014 में हुए उपद्रव और हिंसा के मामले में आश्रम संचालक रामपाल को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस जीएस गिल और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ ने उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह समेत अन्य गंभीर धाराओं वाले मामले में नियमित जमानत याचिका को शर्तों के साथ मंजूर कर लिया है। हालांकि, इस फैसले का विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है।
यह मामला 18 नवंबर 2014 का है, जब थाना बरवाला (हिसार) में एफआईआर नंबर 428 दर्ज की गई थी। उस दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के बीच आश्रम में भारी बवाल हुआ था, जिसमें छह अनुयायियों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। आरोप है कि आश्रम में मौजूद लोगों को बंधक बनाकर रखा गया और पुलिस कार्रवाई में बाधा डाली गई।रामपाल के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, अवैध बंधक बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि अब तक करीब 450 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और ट्रायल काफी आगे बढ़ चुका है, ऐसे में लंबी न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए जमानत दी जानी चाहिए।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रामपाल को शर्तों के साथ नियमित जमानत दे दी। फिलहाल कोर्ट ने संक्षिप्त आदेश जारी किया है, जबकि जमानत की शर्तों और आगे की सुनवाई को लेकर विस्तृत आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है।
दैनिक खबरनामा 8 मार्च 2026 हिसार के बरवाला स्थित करौंथा आश्रम में 2014 में हुए उपद्रव और हिंसा के मामले में आश्रम संचालक रामपाल को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस जीएस गिल और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ ने उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह समेत अन्य गंभीर धाराओं वाले मामले में नियमित जमानत याचिका को शर्तों के साथ मंजूर कर लिया है। हालांकि, इस फैसले का विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है।
यह मामला 18 नवंबर 2014 का है, जब थाना बरवाला (हिसार) में एफआईआर नंबर 428 दर्ज की गई थी। उस दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के बीच आश्रम में भारी बवाल हुआ था, जिसमें छह अनुयायियों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। आरोप है कि आश्रम में मौजूद लोगों को बंधक बनाकर रखा गया और पुलिस कार्रवाई में बाधा डाली गई।रामपाल के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, अवैध बंधक बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि अब तक करीब 450 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और ट्रायल काफी आगे बढ़ चुका है, ऐसे में लंबी न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए जमानत दी जानी चाहिए।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रामपाल को शर्तों के साथ नियमित जमानत दे दी। फिलहाल कोर्ट ने संक्षिप्त आदेश जारी किया है, जबकि जमानत की शर्तों और आगे की सुनवाई को लेकर विस्तृत आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है।