दैनिक खबर नामक 6 मार्च 2026 हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के आरक्षण रोस्टर में 5 फीसदी सीटों में बदलाव करने का अधिकार उपायुक्तों (DC) को देने के राज्य सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होगी।राज्य सरकार ने 30 मार्च को जारी अधिसूचना में प्रावधान किया था कि पंचायत चुनाव में 95 प्रतिशत सीटों का आरक्षण तय नियमों के अनुसार होगा, जबकि 5 प्रतिशत सीटों पर उपायुक्त भौगोलिक या विशेष परिस्थितियों के आधार पर आरक्षण में बदलाव कर सकेंगे।
इस अधिसूचना के खिलाफ दायर याचिका में इसे असंवैधानिक बताया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह फैसला भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-डी की भावना के खिलाफ है, जिसमें पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।याचिका में यह भी कहा गया है कि पंचायती राज अधिनियम 1994 की धाराओं 124, 125, 183 और 186 के अनुसार आरक्षण का आधार जनसंख्या और रोटेशन होना चाहिए, जबकि सरकार का नया प्रावधान इन सिद्धांतों के विपरीत है। साथ ही, राज्य चुनाव आयोग से परामर्श किए बिना यह फैसला लिया गया, जो प्रक्रिया का उल्लंघन है।यह मामला मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। याचिकाकर्ता ने अदालत से 30 मार्च की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है।