दैनिक खबरनामा | 6 अक्टूबर | मानसा। पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना के 10वें दिन भी उनका पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने दो टूक कहा है कि जब तक पंजाब सरकार परिवार की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं करती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिवार और एक्शन कमेटी मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे सहित कुल 10 मांगों पर अड़े हुए हैं।
इसी बीच, 22 अक्टूबर को पंजाब विधानसभा में परविंदर सिंह झोटा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विधानसभा अध्यक्ष और सभी विधायकों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया।
परिवार से सीबीआई ने की करीब एक घंटे पूछताछ
मामले की पड़ताल कर रही सीबीआई टीम ने मानसा के रेस्ट हाउस में झोटा के परिजनों से लगभग एक घंटे तक सवाल-जवाब किए। इस दौरान उनके पिता भीम सिंह, मां अमरजीत कौर और पत्नी मनप्रीत कौर से जानकारी जुटाई गई। सीबीआई अधिकारियों के साथ परिवार की यह दूसरी मुलाकात थी।
इसके अलावा, जांच एजेंसी ने मामले में आरोपी अश्विनी कुमार और विपिन कुमार के आवासों पर भी तलाशी अभियान चलाया।
मेडिकल स्टोर की पड़ताल, आसपास के दुकानदारों से भी सवाल
जांच के सिलसिले में सीबीआई की टीम श्मशानघाट रोड स्थित मानसा मेडिकल हॉल पहुंची और वहां जांच की। बताया गया है कि इस कार्रवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से निलंबित ड्रग इंस्पेक्टर को भी टीम के साथ लाया गया था।
अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ आसपास की दुकानों के संचालकों से भी पूछताछ की। जांच एजेंसी मामले की कड़ियां जोड़ने और संभावित सबूत एकत्र करने में जुटी है।
चारों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 5 नवंबर तक बढ़ी
मामले में गिरफ्तार अश्विनी कुमार, नीलम रानी, विपन कुमार और लाडी कुमार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मामले में सीबीआई की जांच जारी है, लेकिन परिवार ने अपनी मांगों पर कार्रवाई होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का रुख बरकरार रखा है।