वड़िंग बोले—नशा तस्करों पर समय रहते कार्रवाई होती तो टल सकती थी झोटा की मौत; झोटा को शहीद का दर्जा देने और विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने की मांग
दैनिक खबरनामा, मानसा, 14 अक्टूबर। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष एवं लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बुधवार को मानसा में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए गए परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए इसे पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या से जोड़कर राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
वड़िंग ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक नौजवान की हत्या बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्य सरकार की विफलता को उजागर करती है।
परिवार के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए वड़िंग ने कहा कि करीब तीन साल पहले भी, जब परविंदर सिंह झोटा के खिलाफ नशे के विरुद्ध आवाज उठाने के मामले में केस दर्ज किया गया था, तब वह उनके परिवार के साथ खड़े थे। उन्होंने कहा कि उस समय भी नशा तस्करी के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जरूरत थी।
‘सरकार बताए, इस नाकामी की जिम्मेदारी कौन लेगा’
वड़िंग ने सवाल उठाया कि यदि सरकार ने समय रहते नशा सप्लायरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की होती और उनके नेटवर्क को खत्म किया होता, तो क्या इस दुखद घटना को रोका जा सकता था? उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को इस सवाल का जवाब देना चाहिए और इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस वादे का भी जिक्र किया, जिसमें डेढ़ महीने के भीतर पंजाब से नशा खत्म करने की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘नशे के खिलाफ जंग’ जैसे अभियान चलाने और उन पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं किए।
वड़िंग के मुताबिक, परविंदर सिंह झोटा ने कथित नशा तस्करों का सामना किया, उनकी गतिविधियों को उजागर किया और नशे के मुद्दे को जनता के सामने उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्करी को लेकर लगातार चिंता जताए जाने के बावजूद सरकार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रही।
झोटा को शहीद का दर्जा देने की मांग
वड़िंग ने कहा कि प्रचार अभियानों और बयानों से नशे की समस्या का समाधान नहीं हो सकता। इसके लिए जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब पुलिस और राज्य प्रशासन से नशे के कारोबार तथा बिगड़ती कानून-व्यवस्था के संबंध में जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने परविंदर सिंह झोटा के नशे के खिलाफ योगदान को मान्यता देने, उन्हें शहीद का दर्जा देने और इस संबंध में पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने की मांग भी उठाई। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से पीड़ित परिवार के पास जाकर उनका दुख साझा करने तथा उनकी चिंताओं का समाधान करने की अपील की।
न्याय के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
पंजाब कांग्रेस की आगे की रणनीति के बारे में वड़िंग ने कहा कि पार्टी ने न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर ब्लॉक तथा जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी और न्याय मिलने तक नशे के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
वड़िंग ने कहा कि पंजाब अब और बहाने बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि जब नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो रही और नशे का कारोबार युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल रहा है, तो सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।